तो भइयो और उनकी बहनों… कुर्सी की पेटी छोड़ो, अब सीधे सोफे पर खड़े हो जाओ! क्योंकि यशराज फिल्म्स (YRF) अपने स्पाई यूनिवर्स की सबसे अनोखी और मच-अवेइटेड फिल्म ALPHA लेकर सिनेमाघरों में आ चुका है।
अब तक हमने टाइगर, कबीर और पठान जैसे कड़क स्पाई पुरुषों को दुश्मनों के छक्के छुड़ाते देखा था, लेकिन इस बार कमान संभाली है दो सुपर-लेथल लेडीज—आलिया भट्ट और शर्वरी ने। साथ में विलेन बनकर आ रहे हैं हमारे अपने लॉर्ड बॉबी देओल। तो क्या यह फिल्म पठान और टाइगर की तरह बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला पाई? आइए जानते हैं इस ऑनेस्ट रिव्यू में।

फिल्म की कहानी (Storyline)
फिल्म की कहानी ‘सीता’ (आलिया भट्ट) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका बचपन से ही कोई नाम रखने वाला नहीं था और उसके लिए उसका देश ही सब कुछ है। वह रॉ (RAW) के सबसे गुप्त और खतरनाक ‘अल्फा प्रोग्राम’ का हिस्सा बनती है, जहाँ उसकी मुलाकात शर्वरी से होती है। इन दोनों को एक ऐसी ‘अग्नि परीक्षा’ से गुजरना पड़ता है जहाँ कदम-कदम पर धोखा और मौत है। इनका सामना होता है ‘फतेह’ (बॉबी देओल) से, जो अपने जंगल का वो शेर है जिसने कभी हारना नहीं सीखा और जो अब पूरे देश के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। ट्रेलर का वो आइकॉनिक वॉयसओवर—“इस बार सीता खुद लंका जलाने आई है”—पूरी फिल्म के बदले और एक्शन की टोन सेट करता है।
फिल्म के प्लस पॉइंट्स (What Works?)
- आलिया और शर्वरी का अनबिलीवेबल एक्शन: अगर आपको लगता था कि आलिया सिर्फ कड़क एक्टिंग कर सकती हैं, तो इस फिल्म में उनका ‘रॉ और रीयलिस्टिक’ एक्शन अवतार आपके होश उड़ा देगा। शर्वरी ने भी हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट सीन्स में उनका बखूबी साथ दिया है। दोनों की केमिस्ट्री और स्वैग कमाल का है।
- लॉर्ड बॉबी का खौफनाक विलेन अवतार: ‘एनिमल’ के अबरार के बाद बॉबी देओल ने ‘फतेह’ के किरदार में एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह इस समय बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन विलेन हैं। उनका स्क्रीन प्रजेंस, बॉडी लैंग्वेज और क्रूरता फिल्म में एक अलग ही लेवल का थ्रिल पैदा करती है।
- स्लीक विजुअल्स और बैकग्राउंड स्कोर: शिव रवैल का डायरेक्शन काफी फ्रेश है। बर्फीले पहाड़ों के चेस सीन्स से लेकर क्लोज-रेंज फाइट्स तक, विजुअल्स एकदम इंटरनेशनल लेवल के हैं। फिल्म का बीजीएम (BGM) सीन्स की हाइप को दोगुना कर देता है।
फिल्म के माइनस पॉइंट्स (What Disappoints?)
- फर्स्ट हाफ की धीमी रफ्तार: फिल्म का पहला हाफ किरदारों को सेट करने और उनके बैकस्टोरी को समझाने में थोड़ा ज्यादा वक्त लेता है, जिससे कहानी कहीं-कहीं थोड़ी खिंची हुई लगती है।
- प्रेडिक्टेबल ट्विस्ट्स: स्पाई थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के लिए कहानी के कुछ ट्विस्ट और टर्न्स काफी हद तक प्रेडिक्टेबल (पूर्वानुमानित) हो जाते हैं। मेकर्स कुछ जगहों पर सस्पेंस को और गहरा रख सकते थे।
बॉक्स ऑफिस वाइब्स रेटिंग (Box Office Vibes Rating)
| कैटेगरी | रेटिंग | टिप्पणी |
| एक्शन & स्टंट्स | ⭐⭐⭐.5 | हॉलीवुड लेवल का रॉ और कमाल का एक्शन। |
| परफॉर्मेंस (स्टार कास्ट) | ⭐⭐⭐ | आलिया, बॉबी और शर्वरी ने स्क्रीन पर आग लगा दी। |
| कहानी & स्क्रीनप्ले | ⭐⭐ | स्क्रीनप्ले थोड़ा और क्रिस्प हो सकता था। |
| ओवरऑल हाइप | ⭐⭐.5 | 2.5/5 स्टार्स (मस्ट वॉच एक्शन थ्रिलर) |
हमारा फाइनल वर्डिक्ट (Final Verdict)
ALPHA यशराज स्पाई यूनिवर्स की एक बेहद मजबूत और कड़क फिल्म है, जो यह साबित करती है कि बॉलीवुड की लेडीज भी अकेले दम पर थिएटर्स में गदर मचा सकती हैं। अगर आप एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं और बॉबी देओल का खतरनाक रूप देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक परफेक्ट वीकेंड वॉच है। इसे बड़े पर्दे पर देखना बिल्कुल मिस मत करना!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या ALPHA फिल्म में शाहरुख खान (पठान) या ऋतिक रोशन (कबीर) का कैमियो है?
Ans: चूंकि यह YRF स्पाई यूनिवर्स की फिल्म है, इसलिए इसमें यूनिवर्स के बड़े कप्तानों का कनेक्शन और बेहतरीन सरप्राइज एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं, जो आपको थिएटर्स में ही एक्सपीरियंस करने चाहिए।
Q2. फिल्म में विलेन ‘फतेह’ का रोल किसने निभाया है?
Ans: फिल्म में मुख्य विलेन का किरदार बॉबी देओल ने निभाया है, जो देश के खिलाफ एक बेहद खतरनाक मिशन पर काम कर रहा होता है।
Q3. क्या यह फिल्म परिवारों के साथ देखने लायक है?
Ans: हाँ, यह एक हाई-ऑक्टेन एक्शन थ्रिलर फिल्म है। हालांकि इसमें काफी मार-धाड़ और एक्शन सीन्स हैं, लेकिन इसे आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आराम से देख सकते हैं।
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